Best Poem on Janmashtami in Hindi

Best Poem on Janmashtami in Hindi

Best Poem on Janmashtami in Hindi:- Poem on Janmashtami is the most common element used in colleges, in which children are taught to recite it and seek blessing from Lord Krishna. They are even used in cultural indicates wherein contributors might chant in their overall performance. Poems are chanted each day in most hindu families to start an afternoon. So, for all such those who want poem on janmashtami in hindi, Here in this Blog we have shared them all.

Best Poem on Janmashtami in Hindi

Best Poem on Janmashtami in Hindi

Best Poem on Janmashtami in Hindi

बांसुरी वादन से, खिल जाते थे कमल
वृक्षों से आंसू बहने लगते,
स्वर में स्वर मिलाकर, नाचने लगते थे मोर ।
गायें खड़े कर लेतीं थी कान,
पक्षी हो जाते थे मुग्ध,
ऐसी होती थी बांसुरी तान… ।

नदियां कल-कल स्वरों को,
बांसुरी के स्वरों में मिलाने को थी उत्सुक
साथ में बहाकर ले जाती थी, उपहार कमल के पुष्पों के,
ताकि उनके चरणों में, रख सके कुछ पूजा के फूल  ।
ऐसा लगने लगता कि, बांसुरी और नदी मिलकर, करती थी कभी पूजा ।
जब बजती थी बांसुरी, घनश्याम पर बरसाने लगते, जल अमृत की फुहारें ।
अब समझ में आया, जादुई आकर्षण का राज
जो  आज भी जीवित है, बांसुरी की मधुर तान में
माना हमने भी, बांसुरी बजाना पर्यावरण की पूजा करने के समान है,
जो कि‍ हर जीव में प्राण फूंकने की क्षमता रखती,
और सुनाई देती है कर्ण प्रिय बांसुरी ।

Best Poem on Janmashtami in Hindi

तेरे प्रेम के सहारे…
मेरी साँस अब चलेगी,
जो तू नहीं तो कान्हा,
ये प्राण भी न होंगे…
हम तो तेरे दीवाने ,
तेरे प्रेम के पुजारी…
तेरे लिए जिए हैं,
तेरे लिए जिएँगे…
मेरी बाँह अब पकड़ लो…
मुझे प्रेम से जकड़ लो,
ये प्रेम की डगर पे
जो चल पड़े कदम हैं….
तेरी शपथ है बाँके
ये अब तो न रुकेंगे

नैन लख्यो जब कुंजन तैं, बनि कै निकस्यो मटक्यो री।
सोहत कैसे हरा टटकौ, सिर तैसो किरीट लसै लटक्यो री।
को ‘रसखान कहै अटक्यो, हटक्यो ब्रजलोग फिरैं भटक्यो री।
रूप अनूपम वा नट को, हियरे अटक्यो, अटक्यो, अटक्यो री॥
जय जय श्री राधे !

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