Krishna Yashoda Quotes in Hindi

Krishna Yashoda Quotes in Hindi

Krishna Yashoda Quotes in Hindi:- माता यशोदा के सौभाग्य का वर्णन कौन कर सकता है, जिनके स्तनों को साक्षात् ब्रह्माण्डनायक ने पान किया है। भगवान ने अपने भक्तों की इच्छा के अनुरूप अनेक रूप धारण किए हैं, परन्तु उनको ऊखल से बांधने का या छड़ी लेकर ताड़ना देने का सौभाग्य केवल महाभाग्यशाली माता यशोदा को ही प्राप्त हुआ है।

ऐसा सुख, ऐसा वात्सल्य-आनन्द संसार में किसी को प्राप्त न हुआ है, न होगा। श्रीशुकदेवजी तो श्रीयशोदाजी को वात्सल्य-साम्राज्य के सिंहासन पर बिठाकर उनको दण्डवत् करते हुए कहते हैं–’देवी ! तुम्हारे जैसा कोई नहीं है। तुम्हारी गोद में तो सम्पूर्ण फलों-का-फल नन्हा-सा शिशु बनकर बैठा है।’

Also Check:- QUOTES ON JANMASHTAMI IN HINDI

Krishna Yashoda Quotes in Hindi

Krishna Yashoda Quotes in Hindi

Krishna Yashoda Quotes in Hindi

अंकाधिरूढं शिशुगोपगूढं, स्तनं धयन्तं कमलैककान्तम्।
सम्बोधयामास मुदा यशोदा, गोविन्द दामोदर माधवेति।।

माँ

हाँ मै आता हूं माँ,
तेरी ममता के आँचल में।
छुपा ले ना मुझको,
तेररी ममतामयी बाहों में।।

घुम चुका हूं सारी दुनिया,
तुझसा ना कोई पाया माँ।
सब देखे है रैन बसेरे,
तुझसा नही कोई प्यारा माँ।।

तुने मुझको प्राण पिलाये,
अपने दूध की ताकत से।
शुक्र ना कर पाऊंगा अदा,
मेरी सारी दौलत से।।

एक स्तन पे लात खाई,
दूजे से तु दूध पिलाई।
तुझसे बढ़कर क्या होगी माँ,
दुनिया में कोई दूजी खुदाई।।

जब-जब सवाल उठे बेटे पर,
तेरी चुनर ऐसी लहराई।
क्रष्णा की रक्षा में लगा जैसे,
माँ यशोदा खुद ही आई।

हाँ माँ!!!!

हाँ मै आता हूं माँ,
तेरी ममता के आँचल में।
छुपा ले ना मुझको,
तेरी ममतामयी बाहों में।।

Krishna Yashoda Quotes in Hindi

कर-कमलों से चरण-कमल को लिए मधुर मुख-कमल ललाम।
व्रजेश्वरी की गोद विराजित बालमुकुन्द नयन-अभिराम।।

जसुमति फूली फूली डोलति।
अति आनंद रहत सगरे दिन हसि हसि सब सों बोलति।।

मंगल गाय उठति अति रस सो अपने मन को भायौ।
विकसित कहति देख ब्रजसुन्दरि कैसो लगत सुहायौ।।

ब्रजरानी सुत पलना झुलावे।
आछो मुख चुंबत लालन को अति रस मंगल गावे।।

Krishna Yashoda Quotes in Hindi

निरखि सुंदर आनन तन फिरफिर ते उर लावे।
श्रीविट्ठल गिरिधर नंदनंदन ब्रजजन के मन भावे।। (कीर्तन पुष्प वाटिका)

‘जगत की स्त्रियों, देखो ! यदि तुममें से कोई मुझ परब्रह्म पुरुषोत्तम को अपना पुत्र बनाना चाहे तो मैं पुत्र भी बन सकता हूँ पर पुत्र बनाकर कैसे प्यार किया जाता है, कैसे वात्सल्यभाव से मुझे भजा जाता है, इसकी शिक्षा तुम्हें माता यशोदा से लेनी होगी।’

‘सूर स्याम मोहिं गोधन की सौं, हौं माता तू पूत।’

खन भीतर, खन बाहिर आवति, खन आँगन इहिं भाँति।
सूर स्याम कौं टेरति जननी, नैंकु नहीं मन साँति।। (सूरसागर)

जसोदा बार बार यौं भाषै।
है कोउ ब्रज मैं हितु हमारो, चलत गुपालहिं राखै।। (सूरसागर)

कहियौ जसुमति की आसीस।
जहाँ रहौ तहँ नंद लाड़िलौ, जीवौ कोटि बरीस।। (सूरसागर)

Searches related to

quotes on yashoda maa

yashoda’s love for krishna

dialogue between krishna and yashoda in hindi

conversation between krishna and yashoda

krishna and yashoda story in hindi

lord krishna and yashoda stories

yashoda and krishna quotes

krishna yashoda stories

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*